जिगरी दोस्त के बिना जीवन अधूरा लगता है।
क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार नहीं आता।
जब दो उंगलियाँ जोड़ने से दोस्ती हो जाती थी।
दोस्ती शायरी केवल अल्फ़ाज़ नहीं होती, बल्कि यादों, भरोसे और साथ निभाने के वादों की झलक होती है। जब शब्द कम पड़ जाएँ, तब यही शायरी दिल की बात कह देती है। चाहे पुराने दोस्त हों या नए, दोस्ती शायरी रिश्तों को और मजबूत बनाती है। इसलिए, इन पंक्तियों को महसूस करें और अपनी दोस्ती को शब्दों के ज़रिये खास बनाएं।
लेकिन फिर भी तेरे बिना मेरा दिन खाली सा लगता है!
उसे जिंदगी से कोई Dosti Shayari और शिकायत क्या होगी।
लेकिन अपनी जान का मोबाइल नंबर नहीं देते।
मैं हर दिन यही सोचता हूँ – “तू ही है मेरा यार!”
यह वो रिश्ता है, जो बिना शब्दों के निभाई जाती है।
जितने होते हैं सिवा उतने ही कम होते हैं
मेरे जो दोस्त हैं उनके लिए मैं ताकत हूँ,
दोस्त वही है जो हर सांचे से बाहर निकले।
“दोस्त बोलें, ‘चलो घूमते हैं’, मगर पर्स कहे, ‘चलो घर चलते हैं।’”
हमसे दोस्ती की कीमत खुद को समझ कर चुकाना,
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